भानुप्रतापपुर/ गोदावरी माइंस की मनमानी से भैंसा कन्हार के ग्रामीणों में आक्रोश, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।

भानुप्रतापपुर से श्रीदाम ढाली की रिपोर्ट
गोदावरी माइंस की मनमानी से भैंसा कन्हार के ग्रामीणों में आक्रोश, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।

भानुप्रतापपुर, 24जनवरी/ कांकेर जिले के भैंसा कन्हार क्षेत्र में गोदावरी माइंस प्रबंधन द्वारा की जा रही कथित मनमानी और अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने प्रशासन पर माइंस प्रबंधन को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।

प्रशासनिक संरक्षण में हो रहा पर्यावरण का दोहन
भैंसा कन्हार के सरपंच रमल कोर्राम, ग्राम सभा अध्यक्ष राधिका वट्टी, ग्राम पटेल राजेन्द्र कोर्राम और वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष गंगा राम लाटिया ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि गोदावरी माइंस प्रबंधन क्षेत्र में खुलेआम दादागिरी कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग माइंस प्रबंधन के सहयोगी के रूप में काम कर रहे हैं, जिसके कारण ग्रामीणों की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
फर्जी पंचनामा और पुलिस की निष्क्रियता
ग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि माइंस प्रबंधन ने पूर्व सरपंच और सरपंच पति के साथ मिलकर फर्जी तरीके से पंचनामा तैयार किया है। इस धोखाधड़ी के खिलाफ भानुप्रतापपुर पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने हेतु आवेदन दिया गया है, लेकिन लंबे समय के बाद भी पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

प्रमुख बिंदु:
1. अतिक्रमण की शिकायत: ग्रामीणों ने वन क्षेत्र में हो रहे अवैध अतिक्रमण की शिकायत की थी, जिस पर विभाग मौन है।
2. नुकसान: माइंस प्रबंधन पर वन, पर्यावरण और राजस्व को भारी क्षति पहुँचाने का आरोप।
3. सुरक्षा व्यवस्था: प्रशासन की चुप्पी से माइंस प्रबंधन के हौसले बुलंद हैं।
उग्र आंदोलन की चेतावनी

पंचायत प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गोदावरी माइंस के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो समस्त ग्रामवासी और क्षेत्रवासी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रतिनिधियों ने कहा कि भविष्य में यदि कोई भी अप्रिय स्थिति निर्मित होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।




