भानुप्रतापपुर/ शंकराचार्य पर कथित अत्याचार के विरोध में भानुप्रतापपुर में शिवसेना का उग्र प्रदर्शन।

शंकराचार्य पर कथित अत्याचार के विरोध में भानुप्रतापपुर में शिवसेना का उग्र प्रदर्शन।

भानुप्रतापपुर। उत्तर प्रदेश में आयोजित माघ मेला में हिंदू धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु जगतगुरु पिता श्री अविमुक्तानंद जी के स्नान करने पर रोक और साधु-संन्यासियों और बाल बटुकों के प्रशासन साक्षियों द्वारा विरोध किया गया।
विदित हो कि माघ झील में स्नान के लिए गया समय मेला प्रशासन ने चतुर्थी जी को तालाब छोड़ दिया। आरोप है कि उनके साथ साधुओं, सन्यासियों के साथ नौकर-मुक्की और छोटे-छोटे बटुकों के शिखा धर्मगुरुओं को थाने में बंद कर दिया गया। इस घटना के विरोध में पुत्र श्री अविमुक्तेश्वरानंद जी ने अन्न-जल त्याग कर उपवास पर हैं। पितृ जी के समर्थन में यूनिवर्सिट में शिव सैनिक विरोध प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
स्थानीय नेताओं ने कहा कि कथित उग्रवादी पार्टी और उनके संगठन के खिलाफ ये आतंकवादी संगठन मौन में बैठे हैं, क्योंकि उनके वास्तविक अल्पसंख्यकों के विचारों का कोई मतलब नहीं है। वे केवल अहिंसा का उपयोग करते हैं और बाद में इसे भूल जाते हैं।
सेना ने आरोप लगाया कि पुरातनपंथी जी की लड़ाई में गौ-हत्या पर प्रतिबंध लगाया गया है, काशी के प्राचीन मंदिरों और पुरावशेषों की सुरक्षा और धार्मिक विरासतों की सुरक्षा को ले रही है, इसी कारण से भाजपा नेतृत्व आंतकवाद और भव्य लोकतंत्र का काम कर रहा है। शिव सेना ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे और सुशांत सिंह राजपूत के बीच में वे छात्रों का अपमान सहन नहीं करेंगे।
इस घटना की वास्तविकता जनता के सामने लाएंगे और कथित हिंदूवादी पार्टी की पोल योजना का संकल्प लिया गया।









