
सेवानिवृत्त एवं दिवंगत शिक्षकों के पेंशन अदायगी आदेश वितरण एवं सम्मान समारोह आयोजित।
पखांजूर@19 मार्च/ खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोयलीबेड़ा द्वारा विकासखंड के सेवानिवृत्त एवं दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को पेंशन अदायगी आदेश (PPO) वितरण हेतु सम्मान समारोह का आयोजन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पखांजूर में किया गया। इस अवसर पर सभी लाभार्थियों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए नगर पंचायत पखांजूर के उपाध्यक्ष श्री शंकर सरकार ने कहा कि कोयलीबेड़ा विकासखंड के इतिहास में यह पहली बार है जब खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की विशेष सक्रियता से 14 सेवानिवृत्त एवं दिवंगत शिक्षकों के परिजनों को एक साथ पेंशन अदायगी आदेश प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने पीपीओ जारी करने की प्रक्रिया में सहयोग देने वाले खंड शिक्षा अधिकारी एवं सभी शाखा लिपिकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षकों की आजीवन सेवा के लिए समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।
खंड शिक्षा अधिकारी कोयलीबेड़ा, श्री देवकुमार शील ने जानकारी देते हुए बताया कि विकासखंड के सेवानिवृत्त शिक्षक—विनोद पाठक, दीपक चंद्र मंडल, गणेश चंद्र मंडल, श्रीमती गीता रानी सरकार एवं हेमंत कुमार वैध तथा सेवा अवधि के दौरान दिवंगत हुए शिक्षक—स्व. सुबल कुमार विश्वास, रविंद्र नाथ हवलदार, अनुप कुमार देहारी, ओम प्रकाश महला, नरेंद्र मंडावी, शिवकुमार नाग, रवि कुमार, जूथिका दास एवं मुहरा राम कचलाम के परिजनों को पेंशन अदायगी आदेश जारी किए गए हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में पीपीओ जारी करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी एवं पेंशन शाखा के लिपिक कौशल नेताम का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर खंड स्रोत समन्वयक श्री विप्लव बनर्जी, मंडल संयोजक श्री शोप सिंह नेताम, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्री अभिजीत सरकार एवं वरिष्ठ व्याख्याता श्री कृष्णेंदु आईच ने भी सभा को संबोधित किया।
समारोह में सेवानिवृत्त शिक्षक विनोद पाठक, दीपक चंद्र मंडल एवं हेमंत कुमार वैध ने अपने शिक्षकीय जीवन के अनुभव साझा किए और विभाग के प्रति आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में खंड शिक्षा अधिकारी देवकुमार शील, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अमिताभ सरकार, मंडल संयोजक शोप सिंह नेताम, शिक्षक कृष्णेंदु आईच, अरुण रावटे, गोपाल सरकार, गोविंदा बघेल, कौशल नेताम (पेंशन शाखा लिपिक) सहित सेवानिवृत्त शिक्षक एवं दिवंगत शिक्षकों के परिजन तथा बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।




