
परीक्षा व्यवस्था को लेकर सोनम वांगचुक का अनशन, हाईकोर्ट ने दिए स्वास्थ्य जांच के निर्देश।
बस्तर टाइम्स न्यूज, नई दिल्ली/ सामाजिक कार्यकर्ता एवं जलवायु एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का जंतर-मंतर पर जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। वांगचुक कथित परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं। आंदोलन को देशभर के छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में शामिल हुए। डिंपल यादव ने सरकार से आंदोलनकारियों से संवाद शुरू करने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। वहीं अरविंद केजरीवाल ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई तथा पेपर लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार को घेरा।
इस बीच, 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन “चलो संसद” मार्च का आह्वान किया है। सोनम वांगचुक ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से इस शांतिपूर्ण मार्च में शामिल होने की अपील की है।
वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जारी मेडिकल बुलेटिन में वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सतीश लांबा ने बताया कि अनशन के 19 दिनों में उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। हालांकि, शरीर में पानी की मात्रा सामान्य है और उनकी मानसिक स्थिति स्थिर बनी हुई है। उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि उनकी प्रतिदिन चिकित्सकीय जांच कराई जाए और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
वहीं कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग का समर्थन करती है तथा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाती रहेगी।
फिलहाल जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी है और 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च को लेकर देशभर के छात्रों और युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है।




