
जिला अस्पताल में बदहाल व्यवस्था: भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे मरीज, गंदगी से बढ़ा संक्रमण का खतरा।
कांकेर@14 मई 2026/ एक ओर शासन-प्रशासन बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और स्वच्छ अस्पतालों के दावे कर रहा है, वहीं कांकेर के कोमलदेव शासकीय जिला चिकित्सालय की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। अस्पताल के कई वाटर कूलर बंद पड़े हैं, जबकि मेडिसिन वार्ड में लगे दो वाटर कूलरों में पानी तक उपलब्ध नहीं है।

स्थिति इतनी खराब है कि मरीजों को एक फ्लोर से दूसरे फ्लोर तक सिर्फ पानी की तलाश में जाना पड़ रहा है। तेज गर्मी में बीमार मरीजों के लिए यह परेशानी और भी गंभीर हो गई है। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर मूलभूत सुविधाओं का अभाव मरीजों की तकलीफ को और बढ़ा रहा है।

वहीं दूसरी ओर अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। मेडिसिन वार्ड के बाथरूमों की हालत बेहद खराब है। बाथरूम में गंदा पानी जमा है, नियमित सफाई नहीं होने से बदबू और संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन स्वच्छता को लेकर पूरी तरह लापरवाह नजर आ रहा है।

गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में अस्पतालों में साफ पेयजल और स्वच्छ वातावरण सबसे जरूरी माना जाता है, लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों को इन बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। इससे अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अब देखना होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेते हैं और मरीजों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।




