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खैरागढ़छत्तीसगढ़

Khairagarh/ टेकापार में रात के अंधेरे में कथित ब्लास्टिंग से मचा हड़कंप, कंपनी के दावे पर प्रशासन ने उठाए सवाल।

टेकापार में रात के अंधेरे में कथित ब्लास्टिंग से मचा हड़कंप, कंपनी के दावे पर प्रशासन ने उठाए सवाल।

बस्तर टाइम्स न्यूज, खैरागढ़/ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पंचायत कलकसा के आश्रित ग्राम टेकापार खुर्द में बिजली ट्रांसमिशन टॉवर निर्माण के दौरान कथित ब्लास्टिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अडाणी समूह की परियोजना के लिए कार्य कर रही निर्माण एजेंसी ने किसान परसराम वर्मा के खेत में टॉवर की नींव खोदने के दौरान पथरीली जमीन आने पर रात के अंधेरे में दो बार ब्लास्टिंग की। तेज धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

ग्रामीणों का कहना है कि ब्लास्टिंग से पहले न तो आसपास के लोगों को कोई सूचना दी गई और न ही सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए। इससे आसपास रहने वाले लोगों तथा पशु-पक्षियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी इसी क्षेत्र में इसी प्रकार की ब्लास्टिंग की जा चुकी है।

मामले में कंपनी के मैनेजर अविनाश कुमार का कहना है कि बिजली ट्रांसमिशन टॉवर निर्माण का कार्य केंद्र अथवा राज्य सरकार की स्वीकृत परियोजना के तहत किया जा रहा है, इसलिए स्थानीय स्तर पर अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि ब्लास्टिंग के संबंध में प्रशासन को सूचना दी गई थी तथा आवश्यक अनुमति भी प्राप्त की गई थी। हालांकि, जब उनसे अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई स्पष्ट दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।

वहीं, खैरागढ़ के एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू ने कंपनी के दावे का खंडन करते हुए कहा कि उनके कार्यालय से ब्लास्टिंग की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है।

ग्राम पंचायत टेकापार खुर्द की सरपंच प्रीति देवी राजपूत ने भी स्पष्ट किया कि पंचायत से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई और न ही पंचायत को ब्लास्टिंग की पूर्व सूचना दी गई थी।

घटना की जानकारी मिलने के बाद खैरागढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ब्लास्टिंग निर्धारित नियमों, सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप की गई थी या नहीं।

इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ब्लास्टिंग की गई, तो विस्फोटक सामग्री किस लाइसेंसधारी एजेंसी से प्राप्त की गई? ब्लास्टिंग की अनुमति किस सक्षम प्राधिकारी ने जारी की? यदि प्रशासन अनुमति देने से इनकार कर रहा है, तो कंपनी किस आधार पर अनुमति होने का दावा कर रही है? साथ ही, रिहायशी क्षेत्र के समीप ग्रामीणों को बिना पूर्व सूचना दिए विस्फोटक का उपयोग किसकी अनुमति से किया गया?

फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगी। वहीं ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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