पखांजुर/ स्व. फेलाराम ढाली की स्मृति में श्रद्धा के साथ आयोजित हुई वार्षिक हरिसभा।
भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हुई हरिसभा, स्व. फेलाराम ढाली की स्मृति में जुटे श्रद्धालु।

स्व. फेलाराम ढाली की पुण्य स्मृति में सजी हरिसभा, भक्ति गीतों से गूंजा वातावरण।

बस्तर टाइम्स न्यूज, पखांजूर/ बंगाली समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में हरिसभा का विशेष महत्व है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ग्राम पीवी-63 बलरामपुर निवासी सत्यरंजन ढाली के निवास पर रविवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ वार्षिक हरिसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण शामिल हुए और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्री श्री हरिचंद ठाकुर, श्री श्री गुरुचंद ठाकुर, शांति माँ तथा स्व. फेलाराम ढाली के छायाचित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पांजलि एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने मतुआ संप्रदाय की परंपरा के अनुरूप हरिनाम संकीर्तन एवं भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। मृदंग, करताल और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
हरिसभा के दौरान वक्ताओं ने श्री श्री हरिचंद ठाकुर एवं श्री श्री गुरुचंद ठाकुर के मानवता, समानता, प्रेम, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक जीवन के संदेशों पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से समाज की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। यह हरिसभा सत्यरंजन ढाली बड़े पुत्र स्व. फेलाराम ढाली की पुण्य स्मृति को जीवंत रखने के लिए प्रति वर्ष 12 जुलाई को आयोजित की जाती है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं एवं युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता का अनुपम संगम देखने को मिला।

