
बरसात में छात्रों का भविष्य उजाड़ना सरकार की संवेदनहीनता का परिचायक— राजेश नुरूटी

बस्तर टाइम्स न्यूज, पखांजुर/ आदिवासी छात्र युवा संगठन (ASYU) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश नुरूटी ने रायपुर जिले के नकटी गांव में बरसात के दौरान प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार की यह कार्रवाई केवल गरीब एवं आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि सैकड़ों विद्यार्थियों के भविष्य पर भी गंभीर संकट खड़ा कर रही है।
राजेश नुरूटी ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर बरसात के मौसम में गरीब परिवारों को बेघर कर उनके बच्चों की पढ़ाई बाधित कर रही है। जब किसी विद्यार्थी के सिर से छत छिन जाती है, तो उसकी पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी, पुस्तकों की सुरक्षा और मानसिक स्थिति पर सीधा प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कल्पना करना कठिन हो जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए गरीब, आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन को कोई कार्रवाई करनी भी थी, तो पहले प्रभावित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास, वैकल्पिक आवास तथा विद्यार्थियों की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी।
राजेश नुरूटी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि विद्यार्थियों का शैक्षणिक वातावरण ही छीन लिया जाएगा, तो इसका दुष्प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा। सरकार को ऐसे निर्णय लेने चाहिए जो बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करें, न कि उन्हें असुरक्षा और विस्थापन की ओर धकेलें।
आदिवासी छात्र युवा संगठन (ASYU) ने राज्य सरकार से मांग की है कि नकटी गांव के सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत, सम्मानजनक पुनर्वास एवं वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही प्रभावित विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए विशेष शैक्षणिक सहायता, आवश्यक अध्ययन सामग्री तथा सुरक्षित एवं अनुकूल अध्ययन का वातावरण भी सुनिश्चित किया जाए।




