
रावघाट में बड़ा पर्यावरणीय विवाद: BSP पर बिना अनुमति 2 किमी सड़क निर्माण और हजारों पेड़ काटने का आरोप।
बस्तर टाइम्स न्यूज,अंतागढ़/ रावघाट क्षेत्र में पर्यावरण और वन संरक्षण से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कांग्रेस ने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि रावघाट माइंस से सरगीपाल रेलवे रेक प्वाइंट तक कच्चे लौह अयस्क के परिवहन के लिए बिना वैधानिक अनुमति लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया। आरोप है कि इस निर्माण कार्य के दौरान हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई कर पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचाई गई।
आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में जंगल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की आजीविका, संस्कृति और परंपराओं का आधार हैं। ऐसे में सड़क निर्माण को लेकर उठे सवालों ने वन संरक्षण और आदिवासी अधिकारों पर नई बहस छेड़ दी है।
12 सदस्यीय जांच समिति ने किया स्थल निरीक्षण।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने 12 सदस्यीय विशेष जांच समिति का गठन किया। समिति ने हाल ही में रावघाट माइंस से सरगीपाल तक के क्षेत्र का निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी शिकायतें सुनीं।
समिति के सदस्यों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की आवश्यकता है।
वन एवं पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन का आरोप
जांच समिति ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान वन संरक्षण कानून, वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) तथा पेसा अधिनियम (PESA) के प्रावधानों की अनदेखी की गई है। समिति का कहना है कि यदि बिना आवश्यक अनुमति सड़क निर्माण और बड़े पैमाने पर वृक्षों की कटाई हुई है, तो यह गंभीर अनियमितता का मामला है।
सरकार पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। समिति का आरोप है कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी, रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी
समिति के अनुसार, मामले के कई तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जांच अभी शेष है। सभी तथ्यों का परीक्षण करने के बाद विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और राजनीतिक कार्रवाई की जाएगी।




