
घोषणाओं का पहाड़, जमीनी हकीकत कमजोर: छत्तीसगढ़ बजट 2026 पर कांग्रेस नेता रूपसिंह का तीखा हमला।
पखांजूर@26 फरवरी। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को प्रस्तुत राज्य के वित्तीय बजट 2026 को लेकर कांग्रेस नेता रूपसिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट “डबल इंजन सरकार” की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है, जो प्रदेश को आगे बढ़ाने के बजाय विकास की गति धीमी कर रहा है। उनके अनुसार बजट में कुल वृद्धि लगभग ₹7,000 करोड़ की है, लेकिन इसमें रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और राजस्व बढ़ाने का प्रभावी मॉडल नजर नहीं आता।
रूपसिंह ने आरोप लगाया कि राज्य के कई संविदा कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिन विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई थी, वे या तो अब तक शुरू नहीं हो पाए हैं या अधूरे पड़े हैं। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निर्माण कार्य और राजधानी रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड हॉस्पिटल व कैंसर यूनिट अभी तक लंबित हैं, जिससे स्वास्थ्य सुविधाओं पर सीधा असर पड़ रहा है।
राजस्व सृजन के मुद्दे पर उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास आय बढ़ाने के सीमित साधन दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विशेष अवसरों और सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी शराब दुकानों को खोलकर राजस्व बढ़ाने पर निर्भर है, जो नीतिगत दृष्टि से चिंताजनक है।
मनरेगा योजना का उल्लेख करते हुए रूपसिंह ने कहा कि पूर्व में लगभग ₹4,000 करोड़ का प्रावधान था, लेकिन राज्य स्तर पर अपेक्षित खर्च नहीं हो पाया। उनका कहना है कि अब “VB GRAM G” जैसी नई योजना के तहत लगभग ₹1,600 करोड़ खर्च करने की अपेक्षा की जा रही है, जबकि मौजूदा बजट की स्थिति देखकर यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य सरकार इतनी राशि प्रभावी ढंग से खर्च कर पाएगी।
उन्होंने आशंका जताई कि इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और आधारभूत संरचना विकास की गति पर पड़ेगा। उनके अनुसार वर्तमान बजट में दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती की स्पष्ट रणनीति दिखाई नहीं देती। अंत में उन्होंने कहा कि राज्य को मजबूत वित्तीय प्रबंधन और व्यावहारिक विकास योजनाओं की आवश्यकता है, ताकि प्रदेश की जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।



