Welcome to The Bastar Times   Click to listen highlighted text! Welcome to The Bastar Times
कांकेरपखांजुर

पखांजुर/ राज्यसभा में टीईटी छूट विधेयक का स्वागत, शिक्षकों को मिली बड़ी राहत।

राज्यसभा में टीईटी छूट विधेयक का स्वागत, शिक्षकों को मिली बड़ी राहत।

पखांजूर (5 अप्रैल 2026)। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने राज्यसभा में टीईटी (Teacher Eligibility Test) से संबंधित छूट विधेयक प्रस्तुत किए जाने का स्वागत किया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस पहल से प्रदेश के सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी और लंबे समय से चली आ रही चिंता दूर होगी।

एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक वाजिद खान, प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी, जिलाध्यक्ष (कांकेर) स्वदेश शुक्ला, जिला सचिव संतोष जायसवाल एवं मीडिया प्रभारी कृष्णेंदु आइच ने संयुक्त बयान में कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने हमेशा शिक्षकों के हित में सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में कहा था कि टीईटी मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा और शिक्षकों को घबराने की जरूरत नहीं है।

इसी तरह छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी स्पष्ट किया है कि सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने राज्यसभा में प्रस्तुत विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य नहीं होगा। साथ ही, केवल टीईटी के अभाव में किसी भी शिक्षक को अनिवार्य सेवानिवृत्ति नहीं दी जा सकेगी। इससे बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षकों को राहत मिलेगी।

विकासखंड अध्यक्ष भोला प्रसाद ठाकुर, गोरखनाथ ध्रुव, धर्मराज कोरेटी, बोधन साहू, सत्यनारायण नायक, अनुप पुरबिया और खम्मन नेताम ने कहा कि शिक्षक वर्ग लंबे समय से यही मांग करता रहा है कि पूर्व नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों पर नए नियम थोपना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उस समय की वैध प्रक्रिया के अनुसार हुई नियुक्तियों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि यह विधेयक शिक्षकों की भावनाओं के अनुरूप है और इससे उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में इस विधेयक को व्यापक समर्थन मिलेगा और जल्द ही इसे पारित किया जाएगा, जिससे शिक्षकों की चिंता पूरी तरह समाप्त हो सकेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!