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छत्तीसगढ़बलरामपुर

बलरामपुर/ जनप्रतिनिधि और पत्रकार आमने-सामने, रिश्वत मांगने के आरोप पर बढ़ा विवाद।

बीडीसी प्रतिनिधि ने पत्रकार पर ₹10 हजार मांगने का लगाया आरोप, पत्रकार ने कहा– “सबूत है तो सार्वजनिक करें”

बलरामपुर में जनप्रतिनिधि और पत्रकार आमने-सामने, रिश्वत मांगने के आरोप पर बढ़ा विवाद

बलरामपुर (अली खान)। बलरामपुर जिले में एक जनप्रतिनिधि और पत्रकार के बीच विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। जनपद क्षेत्र के एक बीडीसी (जनपद सदस्य) प्रतिनिधि द्वारा एक पत्रकार पर ₹10,000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है। वहीं, संबंधित पत्रकार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार, बेबुनियाद और उनकी छवि खराब करने का प्रयास बताया है।

क्या है मामला?

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत दहेजवार निवासी तथा वर्तमान में ग्राम पंचायत डांगरमाहरी के जनपद सदस्य प्रतिनिधि दीपक गुप्ता ने आरोप लगाया है कि एक पत्रकार ने उनसे ₹10,000 की मांग की थी। उनका कहना है कि राशि नहीं देने की स्थिति में उनके खिलाफ समाचार प्रकाशित करने की बात कही गई थी।

पत्रकार ने आरोपों को बताया झूठा

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित पत्रकार ने कहा कि उन्होंने कभी किसी प्रकार की धनराशि की मांग नहीं की। पत्रकार का कहना है कि यदि आरोप लगाने वाले के पास कोई ऑडियो, वीडियो, कॉल रिकॉर्डिंग या अन्य ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप केवल उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं।

सड़क संबंधी खबर के बाद शुरू हुआ विवाद

सूत्रों के अनुसार, विवाद की पृष्ठभूमि में एक समाचार रिपोर्ट बताई जा रही है। कुछ समय पहले एक समाचार चैनल पर लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क से जुड़ी समस्या को लेकर खबर प्रसारित की गई थी। रिपोर्ट में जनपद सदस्य प्रतिनिधि के घर के सामने जल निकासी एवं सड़क निर्माण से संबंधित मुद्दों का उल्लेख किया गया था।

बताया जा रहा है कि समाचार प्रसारित होने के बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ गए, जिसके बाद यह विवाद सार्वजनिक रूप से सामने आया।

सबूतों का इंतजार

फिलहाल, बीडीसी प्रतिनिधि द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ऑडियो, वीडियो या अन्य प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। वहीं, पत्रकार ने भी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए प्रमाण प्रस्तुत करने की चुनौती दी है।

अब इस पूरे मामले में आगे की स्थिति और संबंधित पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले तथ्यों पर सभी की नजर बनी हुई है। सत्यता की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

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