
नगरा के धनपुरी साप्ताहिक बाजार में अव्यवस्था और अवैध वसूली का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश।
बलरामपुर@14 मई(अली खान)/ एक ओर केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों और बाजारों को स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत नगरा के आश्रित ग्राम धनपुरी में लगने वाले साप्ताहिक बाजार की स्थिति सरकारी दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यहां बाजार में अव्यवस्था, गंदगी और अवैध वसूली को लेकर ग्रामीणों और छोटे व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
गौरतलब है कि ग्राम पंचायत नगरा के आश्रित ग्राम धनपुरी में प्रत्येक बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगता है, जहां आसपास के गांवों से किसान और छोटे व्यापारी अपनी सब्जियां एवं अन्य सामान बेचने पहुंचते हैं। लेकिन बाजार में सुविधाओं के अभाव और कथित अवैध वसूली से लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बाजार में बैठने वाले छोटे व्यापारियों और किसानों से मनमाने तरीके से पैसे वसूले जा रहे हैं। वसूली के दौरान न तो किसी प्रकार की रसीद दी जाती है और न ही कोई निर्धारित दर बताई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत से जुड़े कुछ लोगों के संरक्षण में यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
बाजार परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। जगह-जगह कचरे का ढेर लगा हुआ है, जिससे दुर्गंध फैल रही है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बाजार आने वाले ग्रामीणों और व्यापारियों को भारी दिक्कत उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पीएचई विभाग द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाई गई पानी टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि टंकी से जुड़े मोटर और पाइप का उपयोग निजी खेतों की सिंचाई में किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह गंभीर लापरवाही और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला हो सकता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि पूरे मामले को लेकर संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि बाजार में हो रही कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही बाजार परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है।




