भानुप्रतापपुर/ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, शिवसेना ने पीड़ित परिवार से मिलकर जताया शोक।
चाहचाड पहुंचे शिवसेना नेता, बोले—दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई और परिवार को मिले उचित मुआवजा।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत, शिवसेना ने पीड़ित परिवार से मिलकर जताया शोक
दुर्गकोंदल, 23 मई 2026। भानुप्रतापपुर क्षेत्र में एक गर्भवती महिला एवं उसके नवजात शिशु की उपचार के अभाव में हुई दर्दनाक मृत्यु के मामले को लेकर शिवसेना ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने दुर्गकोंदल विकासखंड के ग्राम चाहचाड पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान दिवंगत जच्चा-बच्चा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक बताते हुए कहा कि समय पर समुचित उपचार एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण एक गर्भवती माता और उसके नवजात शिशु की असमय मृत्यु हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बदहाल होती जा रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है।
शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे और घोषणाएं करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त चिकित्सक, आवश्यक संसाधन और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित गर्भवती महिला को समय पर उचित उपचार मिला होता, तो संभवतः मां और बच्चे दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
शिवसेना ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि जच्चा-बच्चा की मृत्यु के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि उन्हें इस कठिन समय में कुछ राहत मिल सके। पार्टी ने यह भी मांग की कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि केवल योजनाओं और घोषणाओं का प्रचार करने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं होगा, बल्कि धरातल पर कार्य करते हुए आम जनता तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शिवसेना ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान शिवसेना कार्यकर्ताओं ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।




