
स्वतंत्रता दिवस पर श्री अग्र शिरोमणि संस्था सरायपाली ने शहीदों को किया नमन।
बस्तर टाइम्स, सरायपाली/ वर्ष 2026 का स्वतंत्रता दिवस श्री अग्र शिरोमणि संस्था, सरायपाली के लिए विशेष और गौरवपूर्ण रहा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बसना के हृदय स्थल पर स्थित पावन एवं पवित्र शहीद स्मारक में आयोजित समारोह में बसना-सरायपाली अंचल के भूतपूर्व सैनिकों द्वारा संस्था को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
समारोह के दौरान श्री अग्र शिरोमणि संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर अमर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन्हें सादर सलामी दी। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों एवं वीर सपूतों के देशभक्ति से ओत-प्रोत नारों का उद्घोष भी किया गया।
कार्यक्रम की सभा को संबोधित करते हुए संस्था के प्रतिनिधि ने भारतीय सैनिकों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता, गुरु एवं भगवान के प्रति जीवन में सर्वोच्च श्रद्धा होने के बावजूद भारतीय सैनिकों के त्याग और बलिदान का स्थान उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि यदि माता-पिता, गुरु, भगवान और भारतीय सैनिक चारों एक साथ सामने उपस्थित हों, तो वे सर्वप्रथम भारतीय सैनिक के चरण स्पर्श कर उन्हें नमन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल भाषण तक सीमित भावना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तिगत जीवन में भी भारतीय सैनिकों के प्रति सर्वोच्च सम्मान की भावना है।
इस अवसर पर वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में बसना अंचल के वीर सपूत शहीद श्री योगेश्वर दास जी की धर्मपत्नी श्रीमती पंकजनी देवी जी को माता तुल्य मानते हुए सम्मानित किया गया। श्रीमती पंकजनी देवी जी को श्रीफल, दुपट्टा एवं ₹5,100 भेंट किए गए। साथ ही उनके चरणों का सादर नमन कर शहीद परिवार के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान प्रकट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मातृभूमि की रक्षा और देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर अमर जवानों की स्मृति में निर्मित पावन एवं पवित्र शहीद स्मारक के सम्मान एवं सहयोग के लिए श्री अग्र शिरोमणि संस्था, सरायपाली द्वारा भूतपूर्व सैनिकों को ₹5,100 (पाँच हजार एक सौ रुपये) की राशि भेंट की गई।
स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर संस्था ने अपने कार्यों के माध्यम से यह संदेश दिया कि देश की स्वतंत्रता केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीर शहीदों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने तथा उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन है।
समारोह में उपस्थित लोगों ने शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया।




