भानुप्रतापपुर/ नई उड़ान, नए सपने, महर्षि वाल्मीकि महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का दीक्षारंभ।
अतिथियों ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, संस्कार और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने किया आह्वान।

नई उड़ान, नए सपने, महर्षि वाल्मीकि महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का दीक्षारंभ।
बस्तर टाइम्स न्यूज@भानुप्रतापपुर। शासकीय महर्षि वाल्मीकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भानुप्रतापपुर में बुधवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के महत्व, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, अनुशासन, संस्कार एवं लक्ष्य निर्धारण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। समारोह में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक-वंदन एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पूजार्चना एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रत्नेश सिंह थे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा जिला महामंत्री एवं जनभागीदारी समिति के सदस्य दिव्येश राजा पांडेय, राजीव श्रीवास, गिरधारी नरेटी, हितेश तिवारी एवं रामबाई गोटा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह ने की।
लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें विद्यार्थी : रत्नेश सिंह
मुख्य अतिथि रत्नेश सिंह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश का यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में नई यात्रा की शुरुआत है। विद्यालय स्तर पर जहां विद्यार्थी यह सीखते हैं कि उन्हें क्या पढ़ना है, वहीं महाविद्यालयीन जीवन में उन्हें यह तय करना होता है कि उन्हें भविष्य में क्या बनना है और समाज एवं देश के लिए क्या योगदान देना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में लगन, इच्छाशक्ति और संघर्ष का विशेष महत्व है। जीवन में हमेशा सफलता नहीं मिलती, असफलता भी आती है। असफलता से निराश होने के बजाय विद्यार्थियों को यह विचार करना चाहिए कि लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अपनाया गया रास्ता सही था या उसमें बदलाव की आवश्यकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे भीड़ का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाने का प्रयास करें। पढ़ाई के साथ अनुशासन, अच्छे चरित्र, संस्कार और ज्ञान को जीवन का आधार बनाएं। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों से बड़ी उम्मीदें रखते हैं। इसलिए विद्यार्थियों का प्रयास होना चाहिए कि वे अपनी प्रतिभा और मेहनत से परिवार, महाविद्यालय और देश का नाम रोशन करें।
अवसर का सदुपयोग कर लक्ष्य निर्धारित करें : डॉ. रश्मि सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में अध्ययन के लिए विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महाविद्यालय के नए भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
प्राचार्य ने कहा कि वर्तमान भवन की स्थिति को देखते हुए नए भवन का शीघ्र संचालन आवश्यक है। नए भवन के उपलब्ध होने से महाविद्यालय में संसाधनों का विस्तार होगा तथा भविष्य में सीटों में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर अनेक छात्र-छात्राएं प्रशासन, उच्च शिक्षा, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि महाविद्यालयीन जीवन उनके भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण पड़ाव है। समय का सदुपयोग करते हुए सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। महाविद्यालय के अनुभवी प्राध्यापक विद्यार्थियों को समय-समय पर कैरियर मार्गदर्शन एवं आवश्यक दिशा प्रदान करते रहेंगे, लेकिन सही दिशा का चुनाव और उस पर निरंतर आगे बढ़ना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है।
मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी : दिव्येश राजा पांडेय
विशिष्ट अतिथि दिव्येश राजा पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए ईमानदारी से प्रयास करना जरूरी है। अभिभावक अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर सहित विभिन्न उच्च पदों पर देखना चाहते हैं, लेकिन किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खिलाड़ियों एवं युवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज सफलता के लिए केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित रहने की आवश्यकता नहीं है। प्रतिभा और मेहनत के बल पर विद्यार्थी खेल, कला, तकनीक, चिकित्सा, प्रशासन सहित किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकते हैं।
महर्षि वाल्मीकि के जीवन से लें प्रेरणा : राजीव श्रीवास
विशिष्ट अतिथि राजीव श्रीवास ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने प्रयास और विचारों में परिवर्तन कर जीवन की दिशा बदल सकता है। विद्यालय से महाविद्यालय तक पहुंचना विद्यार्थियों के जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन जीवन में अनुशासन बनाए रखने, समय का सदुपयोग करने और मोबाइल सहित आधुनिक तकनीक का उपयोग पढ़ाई एवं ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी।
विद्यार्थियों को दी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की जानकारी
कार्यक्रम में NEP संयोजक रितेश कुमार नाग ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न प्रावधानों एवं उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को नई शिक्षा व्यवस्था में उपलब्ध अवसरों और कौशल विकास के महत्व से अवगत कराया।
इस अवसर पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों में NEP एम्बेसडर का चयन कर अतिथियों द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ एवं तिलक-वंदन से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रामबाई गोटा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम का स्वागत उद्बोधन सहायक प्राध्यापक सुषमा चालकी ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन सहायक प्राध्यापक नंदनी ध्रुव ने किया। कार्यक्रम का संचालन अतिथि सहायक प्राध्यापक श्रीदाम ढाली ने किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापक कमल किशोर प्रधान, IQAC प्रभारी डॉ. नसीम अहमद मंसूरी, क्रीड़ा अधिकारी चेतन कुमार श्रीवास, डॉ. स्नेहा रितेश नाग, मुकेश कुमार डहरवाल, योगेश यादव, डॉ. राजबहादुर पुष्कर सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




