भानुप्रतापपुर/ शहीदों को नमन, तिरंगे की शान में गूंजा महर्षि वाल्मीकि महाविद्यालय।
शहीदों की बदौलत सुरक्षित है हमारा वर्तमान : रत्नेश सिंह।

शहीदों को नमन, तिरंगे की शान में गूंजा महर्षि वाल्मीकि महाविद्यालय।
बस्तर टाइम्स न्यूज, भानुप्रतापपुर/ आजादी की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर शासकीय महर्षि वाल्मीकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय भानुप्रतापपुर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। महाविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था प्रमुख एवं प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह द्वारा ध्वजारोहण और राष्ट्रध्वज को सलामी देने के साथ हुई। जैसे ही तिरंगा शान से लहराया, पूरा परिसर राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर की खास बात यह रही कि स्वतंत्रता दिवस के साथ ही महाविद्यालय ने अपने स्थापना दिवस की स्मृतियों को भी ताजा किया। 15 अगस्त 1983 को स्थापित यह महाविद्यालय आज शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। ऐसे में 15 अगस्त का दिन संस्था के लिए केवल राष्ट्रीय पर्व ही नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली सफर को याद करने का भी अवसर रहा।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों एवं देश की सेवा में शहीद हुए आकाश शर्मा और राजेश पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी वीरता और बलिदान को नमन किया गया। श्रद्धांजलि के इस क्षण ने पूरे वातावरण को भावुक कर दिया।
शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रप्रेम जरूरी : डॉ. रश्मि सिंह
प्राचार्य डॉ. रश्मि सिंह ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि आज के युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और शिक्षा के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, संवेदनशीलता तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होना जरूरी है।
उन्होंने कहा हमारे महाविद्यालय के लिए यह दिन दोहरी खुशी लेकर आता है। एक ओर हम देश की आजादी का पर्व मनाते हैं, वहीं दूसरी ओर 15 अगस्त को ही महाविद्यालय के स्थापना दिवस का गौरव भी जुड़ा हुआ है। हमारे पूर्व विद्यार्थी शहीद आकाश शर्मा और राजेश पवार ने अपने प्राणों का बलिदान देकर संस्था और पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी शहादत विद्यार्थियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी। हमें उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
शहीदों की बदौलत सुरक्षित है हमारा वर्तमान : रत्नेश सिंह।
जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रत्नेश सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की आजादी और सुरक्षा के पीछे असंख्य वीरों का त्याग छिपा है। उन्होंने कहा आज हम जिस अमन-चैन की जिंदगी जी रहे हैं, उसके पीछे देश के जांबाज सैनिकों का साहस और बलिदान है। हमारे बीच के युवा जब देश की रक्षा करते हुए शहीद होते हैं, तो यह पूरे समाज के लिए गर्व के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान करते हुए कहा कि देशसेवा केवल सीमा पर जाकर ही नहीं, बल्कि ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करके भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें तथा समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा अधिकारी चेतन कुमार श्रीवास ने किया। समारोह में जनभागीदारी समिति के सदस्य योगेश सोनवानी, वरिष्ठ प्राध्यापक कमल किशोर प्रधान, डॉ. नसीम अहमद मंसूरी, रितेश कुमार नाग, नंदनी ध्रुव, सुषमा चालकी सहित महाविद्यालय के समस्त अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।




