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भानुप्रतापपुर/ यूनिसेफ और एमसीसीआर फाउंडेशन ने प्रदेश के 11 पत्रकारों को दी ‘मीडिया फेलोशिप’, भानुप्रतापपुर के यशवंत चक्रधारी भी सम्मानित।

यूनिसेफ और एमसीसीआर फाउंडेशन ने प्रदेश के 11 पत्रकारों को दी ‘मीडिया फेलोशिप’, भानुप्रतापपुर के यशवंत चक्रधारी भी सम्मानित।

भानुप्रतापपुर। राजधानी रायपुर के होटल सयाजी में यूनिसेफ और एमसीसीआर फाउंडेशन द्वारा ‘मीडिया 4 चिल्ड्रन पुरस्कार’ के 5वें संस्करण का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी समारोह में महिला एवं बाल अधिकारों, स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट व रचनात्मक रिपोर्टिंग करने वाले छत्तीसगढ़ के 11 ग्रामीण व क्षेत्रीय पत्रकारों को प्रतिष्ठित मीडिया फ़ेलोशिप प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस गौरवशाली सूची में कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर से पत्रकार यशवंत चक्रधारी भी शामिल हैं, जिन्हें उनकी सराहनीय जमीनी पत्रकारिता के लिए इस फेलोशिप से नवाजा गया है।

इन खबरों के असर से मिला यशवंत चक्रधारी को सम्मान

पत्रकार यशवंत चक्रधारी को यह सम्मान क्षेत्र की गंभीर और बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के लिए दिया गया है। उनके द्वारा की गई प्रमुख रिपोर्ट्स का शासन-प्रशासन पर गहरा असर दिखा था। अंधकार से उजाले की ओर: ग्राम पंचायत घोठा के डोंगरी पारा में बिजली न होने से स्कूली बच्चों के अंधकार में डूबते भविष्य पर उन्होंने बाइनेम ग्राउंड रिपोर्ट प्रकाशित की थी। संघर्ष और प्रेरणा की कहानी: “पति का साथ छूटा तो शोभा ने ऑटो रिक्शा का स्टेयरिंग पकड़ा और घर चला रही हैं” जैसी एक महिला के संघर्षपूर्ण व प्रेरणादायक मानवीय पहलू को उजागर किया। जान जोखिम में डाल शिक्षा का सफर: “ग्राम रानीडोंगरी के स्कूली बच्चे जान जोखिम में डाल रोज नदी पार कर पढ़ने आते हैं स्कूल” जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझते ग्रामीणों की आवाज को शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से रखा था।

बाल अधिकारों और मीडिया की भूमिका पर मंथन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की हेड व सीएफओ सुश्री सीमा कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नागरिकों को जागरूक बनाने में मीडिया की बहुत बड़ी भूमिका है। चाहे वह टीकाकरण से जुड़ा मुद्दा हो या बच्चों की प्रताड़ना, आए दिन ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिसमें मीडिया की खबरों को त्वरित संज्ञान में लेकर कार्रवाई भी की जाती है।

संयुक्त निदेशक (प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य) डॉ. निर्मला यादव और उप निदेशक डॉ. स्मृति देवांगन ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और मीडिया से अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा किए। यूनिसेफ के सीएपी विशेषज्ञ श्री अनिल गुलाटी ने जागरूकता पैदा करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की, वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह ने यूनिसेफ के कार्यों और योगदानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

वर्ष 2026 के लिए चयनित हुए प्रदेश के ये 11 पत्रकार

इस वर्ष इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए प्रदेश भर से 11 पत्रकारों का चयन किया गया है, जिसमें यशवंत चक्रधारी कांकेर, अनुज कुमार कोंडागांव, सलीम शेख़ सुकमा, विकास पाण्डे जशपुर, रुचि पाण्डे रायपुर, कुश अग्रवाल बलौदाबाजार, विक्रम तिवारी जांजगीर-चांपा, हेमंत संचेती नारायणपुर, जयदेव सिंह महासमुंद, प्रदीप डड़सेना रायपुर और हेमंत गोस्वामी रायपुर शामिल हैं। एमसीसीआर के वरिष्ठ पत्रकार डी श्यामकुमार ने बताया कि यह फेलोशिप पिछले 5 वर्षों से उन पत्रकारों को दी जा रही है जो राज्य में बच्चों और महिलाओं के विषयों पर गंभीर और शोधपरक लेखन कर रहे हैं। यह ग्रामीण पत्रकारों को आर्थिक और नैतिक सहयोग प्रदान करती है। इस वर्ष समारोह की थीम ‘बाल अधिकारों के लिए सशक्त मीडिया, सुरक्षित बचपन की दिशा’ रही। इस कार्यक्रम में अमृत संदेश के पूर्व संपादक बाबूलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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