
अयोध्या राम मंदिर में कथित अनियमितताओं के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) का ‘रामरक्षा महाआरती’ अभियान, नागपुर से उठी आवाज।
बस्तर टाइम्स न्यूज, नागपुर/ अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे, दान और भूमि से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने “रामद्रोह मतलब हिंदूद्रोह, हिंदूद्रोह मतलब देशद्रोह” अभियान के तहत देशव्यापी ‘रामरक्षा महाआरती’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता विभिन्न राज्यों में आमजन के बीच जाकर अपनी बात रख रहे हैं और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इसी क्रम में महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर के रामनगर स्थित राम मंदिर में भव्य रामरक्षा महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राष्ट्रीय प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर देशभर के करोड़ों रामभक्तों, संतों और शिवसैनिकों के लंबे संघर्ष, सहयोग और बलिदान का परिणाम है। ऐसे पवित्र आस्था केंद्र में यदि चढ़ावे, दान अथवा भूमि से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता होती है, तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला विषय है। उन्होंने कहा कि जो लोग स्वयं को भगवान राम का भक्त बताते हैं, यदि उन्हीं के संरक्षण में ऐसी घटनाएं होती हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए दान की सुरक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना संबंधित प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई दिनों से कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहीं, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो शिवसेना देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक दल शिवसेना पर हिंदुत्व से भटकने के आरोप लगाते हैं, लेकिन शिवसेना को अपने हिंदुत्व के लिए किसी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, जहां-जहां हिंदू समाज, मंदिरों और धार्मिक आस्था की रक्षा का प्रश्न उठेगा, वहां शिवसेना पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि भगवान श्रीराम के मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मुद्दा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाई है, तो उसके खिलाफ निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई होना आवश्यक है।
कार्यक्रम को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छत्तीसगढ़ प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति करने वालों को अब मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मंदिर से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका उचित जवाब देगी।
शिवसेना नेताओं ने बताया कि ‘रामरक्षा महाआरती‘ अभियान के तहत देशभर में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अयोध्या और काशी में भी विशेष महाआरती का आयोजन करने की घोषणा की गई।

