
डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षकों ने मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई।
बस्तर टाइम्स न्यूज, पखांजूर/ खरीफ सीजन 2026-27 में ऑनलाइन गिरदावरी कार्य में लगे डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षकों ने मानदेय बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार पखांजूर के माध्यम से शासन को ज्ञापन सौंपा। सर्वेक्षकों ने वर्तमान में प्रति खसरा निर्धारित 10 रुपये मानदेय को बढ़ाकर 50 रुपये किए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में सर्वेक्षकों ने बताया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना के तहत उन्हें खेतों में जाकर फसलों का सर्वेक्षण करना पड़ता है। खरीफ सीजन के दौरान लगातार बारिश, जर्जर सड़कें, उफनते नदी-नाले, जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा तथा दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच कार्य करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होता है। इसके बावजूद प्रति खसरा केवल 10 रुपये का मानदेय दिया जा रहा है, जो उनके श्रम और मैदानी खर्च की तुलना में बेहद कम है।
सर्वेक्षकों ने मांग की है कि खरीफ गिरदावरी वर्ष 2026-27 से प्रति खसरा सर्वे का मानदेय बढ़ाकर 50 रुपये किया जाए, ताकि उन्हें उनके कार्य के अनुरूप सम्मानजनक मेहनताना मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने कार्य समाप्ति की निर्धारित तिथि 30 सितंबर के एक सप्ताह के भीतर संपूर्ण भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि सर्वे कार्य के दौरान किसी दुर्घटना अथवा जनहानि की स्थिति में सर्वेक्षकों को अनिवार्य बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। सर्वेक्षकों ने शासन से उनकी व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा जताई है।




