Bhanupratappur/ भानुप्रतापपुर में कृषि स्थायी समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न।
उपलब्धता, सिंचाई, बिजली और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अधिकारियों को दिए गए निर्देश।

खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, सिंचाई, बिजली और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर अधिकारियों को दिए गए निर्देश।
भानुप्रतापपुर। क्षेत्र में कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से 23 जुलाई को भानुप्रतापपुर में कृषि स्थायी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी उपस्थित रहीं, जबकि अध्यक्षता कृषि स्थायी समिति के सभापति दीपांकर राय ने की। विशिष्ट अतिथियों में जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टेकाम, श्रीमती तेजस्वी सिन्हा, गुप्ते हुसेंडी, श्रीमती सुनीता मंडल, कराठी की सरपंच श्रीमती चैत्रीबाई तथा प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा के प्रचार-प्रसार मंत्री नरोत्तम सिंह चौहान शामिल रहे।
बैठक में उपसंचालक कृषि कांकेर जितेंद्र कुमार कोमरा, जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रदीप कुमार पटेल, विद्युत विभाग की कनिष्ठ अभियंता मेटोनी कुजूर, जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी वीरेंद्र कुमार कुड़ोपी सहित लगभग 15 विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर बिंदुवार समीक्षा की गई। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी एवं उपसंचालक कृषि जितेंद्र कुमार कोमरा ने अधिकारियों को किसानों के लिए खाद एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।
कृषि स्थायी समिति के सभापति दीपांकर राय ने कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के किसान तक प्रभावी ढंग से पहुँचना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया।
बैठक में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल संरक्षण संरचनाओं के रखरखाव तथा कृषि मंडियों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा हुई। अंत में निर्णय लिया गया कि सभी 15 विभागों के मैदानी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करेंगे और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं शासकीय योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेंगे।




