
सुरजागढ़ माइंस परिवहन विवाद: कांग्रेस नेता रूपसिंह पोटाई का भाजपा पर हमला, कहा—’माइंस बचाने के लिए सत्ता पक्ष कर रहा ओछी राजनीति।
बस्तर टाइम्स न्यूज, पखांजूर/ सुरजागढ़ माइंस से लौह अयस्क परिवहन को लेकर परलकोट क्षेत्र में चल रहे विरोध के बीच कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी रूपसिंह पोटाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के इस आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाएगी और जब तक क्षेत्रवासियों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पोटाई ने कहा कि महाराष्ट्र के सुरजागढ़ माइंस में करीब दो वर्ष पहले लौह अयस्क खनन शुरू हुआ था। प्रारंभिक योजना के अनुसार लौह अयस्क का परिवहन महाराष्ट्र के मार्ग से होना था, लेकिन कुछ किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए खनन कंपनी ने परलकोट का रास्ता चुन लिया। उनका आरोप है कि परलकोट की जीवनरेखा मानी जाने वाली स्टेट हाईवे क्रमांक-25 पहले से ही जर्जर थी, जिसके बावजूद पिछले लगभग दो माह से 60 से 70 टन क्षमता वाले भारी ट्रकों का संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि यह सड़क केवल 20 से 25 टन क्षमता वाले वाहनों के लिए उपयुक्त है। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, कई पुल-पुलिया टूटने की स्थिति में पहुंच गए हैं और बरसात के कारण गड्ढों में पानी भरने से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पखांजूर से दुर्गकोंदल तक की यात्रा में अब करीब दो घंटे लग रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रूपसिंह पोटाई ने कहा कि इसी जनाक्रोश को देखते हुए कांग्रेस ने ब्लॉक कांग्रेस, मंडल कांग्रेस और युवा कांग्रेस के नेतृत्व में बुधवार को साप्ताहिक बाजार के दिन अंजड़ी नाला पुलिया पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। उनके अनुसार इस आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी स्वस्फूर्त भागीदारी की और माइंस की गाड़ियों को बंद कराने की मांग का समर्थन किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के तीन दिन बाद भाजपा पखांजूर मंडल के एक पदाधिकारी द्वारा उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पोटाई ने कहा कि आंदोलन के दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए सत्यनंद आश्रम बाईपास मार्ग को खुला रखने का आग्रह प्रशासन से किया गया था और प्रशासन ने उसी मार्ग से आवागमन भी कराया। इसके बावजूद भाजपा द्वारा शिकायत दर्ज कराना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पूर्व प्रत्याशी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष माइंस प्रबंधन को बचाने के लिए “नीचता की सारी हदें पार कर रहा है” और जनता की भावनाओं के विपरीत कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि परलकोट की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी।
रूपसिंह पोटाई ने सरकार के समक्ष कई मांगें भी रखीं। उन्होंने परलकोट को खनन प्रभावित क्षेत्र घोषित करने, सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, सर्वसुविधायुक्त अस्पताल खोलने, कापसी में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज स्थापित करने, अनुसूचित क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने तथा स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को अनुभव के आधार पर रोजगार देने की मांग की। इसके अलावा प्रभावित सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव करने और स्टेट हाईवे को पहले 70 टन क्षमता के अनुरूप उन्नत करने के बाद ही भारी वाहनों का संचालन शुरू करने की मांग भी दोहराई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आगामी चरण में एसडीएम कार्यालय का घेराव, प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड अभियान, अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।




