Welcome to The Bastar Times   Click to listen highlighted text! Welcome to The Bastar Times
कांकेरभानुप्रतापपुर

भानुप्रतापपुर/ जनता के पैसों का दुरुपयोग कर उत्सव मना रही भाजपा; देश में महँगाई और बेरोजगारी चरम पर: सुनील बबला पाढ़ी।

राष्ट्रीय महँगाई एवं बेरोजगारी दिवस' के रूप में आक्रोश व्यक्त कर रही कांग्रेस।

जनता के पैसों का दुरुपयोग कर उत्सव मना रही भाजपा; देश में महँगाई और बेरोजगारी चरम पर: सुनील बबला पाढ़ी।

भानुप्रतापपुर/ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी भानुप्रतापपुर के अध्यक्ष सुनील बबला पाढ़ी ने प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा है कि जहाँ एक ओर देश की आम जनता कमरतोड़ महँगाई, शिक्षित युवा भयंकर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और ध्वस्त सिस्टम से त्रस्त हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार सरकारी धन का दुरुपयोग कर उत्सव मनाने में व्यस्त है। इसी आक्रोश में कांग्रेस पार्टी इस दिन को ‘महँगाई और बेरोजगारी दिवस’ के रूप में रेखांकित कर सरकार की विफलताओं का विरोध कर रही है।
​सुनील बबला पाढ़ी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76 वर्ष पूर्ण होने और संवैधानिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने पर यदि भारतीय जनता पार्टी अपने दलीय कोष से उत्सव मनाती है, तो किसी को आपत्ति नहीं है। लेकिन जब मुख्यमंत्री खुद बैठकें लेकर अफसरों को टारगेट दें और कलेक्टर व विभागाध्यक्ष इस पार्टी आयोजन की तैयारियों में लग जाएँ, तो यह लोकतंत्र और जनता के पैसों का सीधा अपमान है।

भानुप्रतापपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार को घेरते हुए निम्नलिखित सवाल उठाए हैं।

युवाओं और आम जनता से खिलवाड़: देश का शिक्षित युवा रोजगार के लिए सड़कों पर भटक रहा है, रसोई का बजट महँगाई से बिगड़ चुका है और सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकारी खर्च पर जश्न मना रही है।

सरकारी तंत्र का राजनीतिक इस्तेमाल: क्या किसी राजनीतिक व्यक्ति का व्यक्तिगत या दलीय कार्यक्रम कोई सरकारी आयोजन है? अधिकारियों और विभागों को इसके लिए बाकायदा टारगेट क्यों दिए जा रहे हैं?

जनता की कमाई की फिजूलखर्ची: छत्तीसगढ़ में डेढ़ करोड़ से अधिक, रायपुर शहर में 25 लाख और रायपुर जिले में 31 लाख दीये जलाने का खर्च आखिर किस सरकारी मद से किया जा रहा है? दीया, बाती और तेल का खर्च कौन उठा रहा है?
​सुनील बबला पाढ़ी ने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी (सचिव एवं कलेक्टर) इस फिजूलखर्ची का पूरा हिसाब-किताब तैयार रखें। जनता के पसीने की कमाई को इस तरह उड़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यदि सरकार सार्वजनिक रूप से इस खर्च का ब्योरा नहीं देती, तो आगामी विधानसभा सत्र में एक-एक पाई का हिसाब माँगा जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!